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पाण्डुलिपि का संरक्षण एवं संग्रहण

राजस्थान सांस्कृतिक एवं साहित्यिक दृष्टि से विशेष प्रसिद्ध है । प्राचीन समय से ही यहाँ के राजा महाराजा रचनाकारों को प्रोत्साहित कर साहित्य लेखन करवाते थे। कोटा के महाराव दुर्जनशाल संस्कृत भाषा के विद्वान थे। उनके समय में विभिन्न विषयों के ग्रन्थों की रचना हुई। इसी तरह महाराव किशोरसिंह एवं महाराव उम्मेदसिंह के समय भी साहित्य सृजन को प्रोत्साहन मिला। अतएव यह राज्य सांस्कृतिक गतिविधियों के समान साहित्यिक क्षेत्र में भी अग्रणी रहा है साक्षी है यत्र-तत्र बिखरी हुई पाण्डुलिपियाँ । यहाँ आज भी राजमहलों, मन्दिरों, मस्जिदों, मठों एवं निजी ग्रंथाग्रारों में सहस्तों हस्तलेख उपलब्ध हैं। ये हस्तलेख धर्म, आयुर्वेद, ज्योतिष, व्याकरण आदि विषयों से सम्बन्धित हैं। यहाँ स्वर्णाक्षरों से लिखित पाण्डुलिपियाँ भी उपलब्ध हैं, किन्तु वे सभी उपेक्षित हैं। इनकी साजसवार वर्तमान की जरूरत है और भविष्य की धरोहर ।

उद्देश्य :

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संगृहित पाण्डुलिपि 

पाण्डुलिपियों की दुर्दशा को देखते हुये संस्थान ने उनके संरक्षण एवं संग्रहण कर पुनरूद्वार करने का ध्येय बनाया है। हाड़ौती क्षेत्र में जहाँ-जहाँ हस्तलिखित ग्रन्थों-पत्रों की सम्भाल नहीं हो रही है वहाँ से इनको लाकर साज- सवार करना और संरक्षण कर संगृहित कर रहे हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सटीक अप्रकाशित पाण्डुलिपियों का प्रकाशन कराना भी मुख्य ध्येय है, एक पाण्डुलिपि का प्रकाशन किया है।

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पाण्डुलिपि 

संगृहित पाण्डुलिपि की शिशुवत देखरेख करना आवश्यक है जिससे ग्रन्थों को किसी प्रकार की क्षति न हो सके। प्राकृतिक आक्रमणों एवं जीव-जन्तु से सुरक्षित करना संस्थान का महत्त्वपूर्ण कार्य है।

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बुक्स 

श्रीपुराणम्
जिनवाणी कण्ठाभरण आचार्य सुविधिसागर कृत हिन्दी टीका
जैन साहित्य को समृद्ध बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कड़ी में विद्वत्जनों से अज्ञात आ. जिनसेन कृत श्रीपुराण की हिन्दी टीका आ. सुविधिसागर जी ने लिखी है।

श्रीपुराणम्

जिनवाणी कण्ठाभरण आचार्य सुविधिसागर कृत हिन्दी टीका

जैन साहित्य को समृद्ध बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कड़ी में विद्वत्जनों से अज्ञात आ. जिनसेन कृत श्रीपुराण की हिन्दी टीका आ. सुविधिसागर जी ने लिखी है।

संस्थान परिचय

  • स्थापना: श्रुत पंचमी, 2008

  • प्रारम्भ: 19 पांडुलिपियाँ

  • वर्तमान:

    • 4500 पांडुलिपियाँ

    • 2500 दुर्लभ पुस्तकें

    • 1102 डिजिटाइज्ड सामग्री

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